wakt भी क्या चीज़ है ! बड़े से बड़े मरहम को भी भर देती है ! वक़्त के साथ दोस्त दुश्मन और दुश्मन दोस्त बन जाते हैं ! मैं एक खांटी "सवर्ण" समाज से आता हूँ ! क्षत्रियों की शान और ब्राहमणों की बुद्धि से लथपथ हमारे चोटिल अंहकार ने हमे अपनों से भी काफी अलग कर रखा है ! सं १९९० मे लालू जी हमारे जाती के सहयोग से मुख्यमंत्री बने ! और ठीक उसी साल " मंडल और मगध" की राजनीती ने हमे लालू का घोर विरोधी बना दिया ! मुझे १९९० और १९९१ का वह दौर भी याद है - जब गाहे बगाहे सड़क पर हमारे कपडे उतरे जाते थे और हमारे जनेऊ को पाये जाने पर हमारी पिटाई होती थी ! सवर्ण समाज के सभी के सभी लालू के आगे नतमस्तक हो गए पर हम लड़ते रहे ! १५ साल की लड़ाई के बाद घोर जातिवाद के सूचक और बिहार मे क्षेत्रिये राजनीती के अगुआ श्री नीतिश कुमार को हमने गद्दी पर बिठाया ! अब नीतिश कुमार साथ भी "हनीमून" ख़त्म हो चुका है !
खैर , लालू जी के कारन ही हम से अधिकतर बिहार छोड़ बाहर बस गए ! और कल जब "लालू" जी विभिन्न खबरिया चैनल पर आ रहे थे टू सभी खबरिया चैनल से चिपके हुए थे ! जात पात की जगह दिल्ली मे बैठा सवर्ण समुदाय का दिल "अपना लालू" नाम पर धड़क रहा था ! हमे गर्व की अनुभूति हो रही थी ! गैर बिहारी हमे " तुम्हारा लालू" कह कर संबोधित कर रहे थे और हम भी लालू को "अपना लालू " समझ कर उनको "बिहारी" का सिरमौर बता रहे थे !
सहारा समय पर बिहारी पुण्य प्रसून , बिहारी रवीश कुमार , आज तक पर बिहारी अजय कुमार सभी के सभी ने लालू जी को भरपूर सहारा और कहीं न कहीं लालू को "अपना लालू " साबित कराने मे कोई चुक नही की ! पर भाई बहन द्वारा संचालित बिहारी का चैनल ही लालू पर पूर्वाग्रह से ग्रसित हो कर सवाल दाग रहा था ! एक चैनल को शुरू कराने मे शुद्ध ५०० करोड़ लग जाते हैं ! भाई साहब पटना से लोकसभा का चुनाव जितने के लिए सभी कांटे दूर करने मे लगे हुए हैं ! बहनोई ख़ुद कांग्रेस की राज्य सभा और क्रिकेट मे व्यस्त हैं ! भाई साहब भी आडवानी के सब से दुलरुआ बबुआ हैं फ़िर पटना लोकसभा का चुनाव जीत मिथ्या तोड़ने का यही अंतिम मौका है !
नीतिश कुमार बुध्धिमान हैं ! पर नेता को बहादुर भी होना पड़ता है ! दांत की जगह मुह मे होती है पेट मे नही ! बिहार को राजनीती नही नेतृत्व चाहिए ! मुशायरा मे जाने से मुसलमान समाज आपके साथ नही आ जाएगा ! आपको भाजपा और शिव सेना के प्रती अपना नरम रुख बदलना होगा ! नालंदा और नालान्दवासी के विकास से मिथिला , तिरहुत और सरन के लोग खुश नही होंगे !
नीतिश जी और लालू जी - याद रखे - नेता जमात का होता है , जात का नही !
रंजन ऋतुराज सिंह , नॉएडा
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