Saturday, July 28, 2007

हेल्लो वर्ल्ड

हेल्लो वर्ल्ड !

3 comments:

Shrish said...

हैल्लो, वैलकम। :)

आशीष अंकुर said...

अच्छा तो शुरुआत यहाँ से हुई थी...
तब तो हम रेस्निक-हालिडे और इरोडोव के चक्कर में फसे हुए थे... :)

Anonymous said...

सब समय एक जैसा कहाँ रहता है?वर्षा हुई तो,शरदॠतु आई तो,कमरे मे भाग गये।एक गर्मी ही तो है जो दालान मे बैठकर संगी साथियों के साथ सामाजिक चर्चा हो जाती हैै।