Tuesday, November 6, 2007

"चक-दे-बिहार" कब होगा ?

अरे यार ? नीतिश भी गुंडा रखता है , क्या ?
तेरे को कौन बोला ?
मेरे को कौन बोलेगा - तेरे बिहारी ही खबरिया चैनल पर दिखा रहे हैं ?
"हा हा हा " , बेटा थोडा बच के वह मूंछों वाला विधायक मेरी ही जाती का है !
ऐसा क्या - तू तो ऐसा नही लगता है ?
अच्छा ! तेरे बिहारिओं ने खबरिया चैनल पर कब्जा जमा लिया है - फ़िर भी "माँ" ( बिहार) को गाली देते हैं ?
हाँ ! यह सभी - गांधीवाद के शिकार हैं ! "परिवारwaad" मे विस्वास नही रखते हैं !
हाँ ! यह तो वेश्या वाली कहानी हो गयी यार - वेश्या के प्रेम मे एक युवक अपनी माँ का कलेजा काट लाता है और रास्ते मे जब युवक को चोट लगाती है तो माँ का कलेजा रो पङता है !
हाँ ! अगर माँ को गाली देने से इनका पेट भर रहा हो तो माँ को वह भी स्वीकार है !
चल - तेरे साथ रहते रहते मैं भी लगभग "बिहारी" हो जाऊंगा !तुम सभी अपना - अपना "इगो" को छोड़ - सिर्फ़ और सिर्फ़ "बिहार" की भलाई के लिए क्यों नही सोचते हो ? एक बार दिल से "चक-दे-बिहार" बोल को तो देख - तेरा बिहार स्वर्ग हो जाएगा ! देख , कैसे वह राजदीप जैसा पत्रकार भी "चक दे गुजरात" बोलता है ! कुख्यात - मोदी को भावी प्रधानमंत्री बताता है ! कुछ सीख इन लोगों से !
अबे - बिहार स्वर्ग हो जाएगा ! फिर मुम्बई - दिल्ली - बंगलोर मे कौन रहेगा ? कौन अरुण पूरी , राजदीप और प्रनोय रोय के तलवे चाटेगा , कौन अपनी माँ का कलेजा इनको देगा ? कौन श्री भल्ला , श्री चोपडा , श्री साह इत्यादी के यहाँ काम करेगा ! कौन पंजाब , सूरत , हरयाणा , भोपाल ,कलकत्ता को अपना घर से भी ज्यादा चम्कायेगा ? कौन बिहार को गाली दे कर अपना पेट भरेगा ? हम सभी "पेट-भरुआ" मजदूर हैं ! कोई ज्यादा पढ़ लिखा तो कोई कम पढा लिखा - mansik स्तर सभी का एक है ! दिन भर म्हणत करते हैं और रात मे एक दूसरे भाई के साथ गाली गलुज और फिर सो जाते हैं - फिर , अगला सुबह वही मजदूर वाली नौकरी !
भूखे पेट से "चक दे बिहार " कैसे निकलेगा ?
रंजन ऋतुराज सिंह , नॉएडा

6 comments:

Sarvesh said...

चक दे बिहार
बढ़िया नारा है.

परमजीत बाली said...

भाई बिहार में अच्छे काम भी बहुत हो रहें हैं...चक दे बिहार भि हो जाएगा कभी ना कभी।

abid said...

वाह मुखियाजी आपका ब्लोग पढ़कर सचमुच मन खुश हो गया . और आप चिंता मत करिये अरे हम बिहारी ही करेंगे चक दे बिहार .............. अब दिल्ली दूर नहीं है ! lag period अब लगभग ओवर हो चुका है. थोडा और संयम और आप बुजुर्गो की दुआ हमार माथे पर रही तब देखी कैसे होवैत है चक दें बिहार ..........

Kauser said...

ulsoom2006

Kauser said...

bhai mukhiyajee, yeh bihari ke bech me punjabi kaha se aagay? Chak de ke badle "agar CHAMKA DE BIHAR" rahta to zaida accha lagta. waise Jati ki rajniti or aajkal ka 24x7 khabria channel ka atank porey bharat pe bahut zoron pe hai. Kya Minsitry of Broadcasting Media keliye koi norms nahi banati hai? ab to had yeh hogaye hai kiMedia wale kis ke bed room me jhankne lagey or usko India bhar me telecast karne lage koi nahi janta. Ab to aisa lagta hai ki aap apne ghar me bhi safe nahi hain. Humlogon ko apni manskita change karni hogi. Jaat paat ki roti log kab tak khayenge?

Aap ka bhai.
Ahmad Rasheed

Manoj said...

दिवाली पर आपकी कोई पोस्ट नही आई मुखिया जी..... इन्तजार है.....
मनोज