Monday, October 11, 2010

बिहार तमाशा - भाग दो

पटना पहुँच गया ! लोकल चैनल पर चुनाव की धूम है ! पर आम मतदाता अभी शांत है ! अन्तिम दौर में कई दलों ने आखिरी क्षण में अपने उम्मीदवार बदलते देखे गए !

"लालू राबडी " राज को जंगल राज कहा गया और कहा जाता है ! पर मुझे घोर आश्चर्य हुआ 'नितीश मोदी ' और 'सुशिल कुमार' की लिस्ट को देख कर ! फॉर एक्जाम्पल - 'वारसलीगंज' से नितीश मोदी के उम्मीदवार है - श्री प्रदीप महतो ! अब वहां के 'सवर्ण' मतदाता किस आधार पर 'तीर' पर मुहर लगायेंगे ! ये प्रदीप महतो इतने खतरनाक छवी के हैं की - बिहार का कोई भी 'पत्रकार' इनके बारे में कुछ लिखने की हिम्मत नहीं कर सकता है - अब चलिए - गोपालगंज - यहाँ के कुचायकोट से हैं - पप्पू पांडे - सतीश पांडे के छोटे भाई ! गृह विभाग के अनुसार पुरे बिहार में 'सतीश पांडे' से खतरनाक कोई और नहीं है ! पुरे ३६ गिरोह का मालिक और पिछले २० साल से उस क्षेत्र में हो रहे सभी राजनितिक हत्याएं का शक 'सतीश पांडे' पर जाता है !

.अनंत सिंह को ले लीजिये - बाढ़ में 'छोटे सरकार' के रूप में जाने जाते हैं ! नितीश का आशीर्वाद है - जीत जायेंगे पर ये आतंक हैं ! सबसे ज्यादा जुल्म इन्होने अपने ही लोगों पर किया है - जिसका परिणाम यह है की - इनके जान के दुश्मन इनके गाँव के ही 'विवेका पहलवान' हैं ! मुन्ना शुक्ल जेल में हैं सो इन्होने अपनी पत्नी को उम्मीदवार बनाया है ! कब तक हम सभी 'बाहुबलीओं' के आतंक के साए में जियेंगे ? और जो लोग इनकी वकालत करते हैं -  हतप्रभ हूँ !

खैर 'नितीश मोदी' की लिस्ट में ऐसे कई लोग भरे पड़े हैं ! ये कैसा राज है ? कौन सी मजबूरी है ? सवर्णों को किस रंग से नितीश रंगना चाहते हैं ? क्या भूमिहार-राजपूत -ब्राहमन में कोई साफ़ सुथरी छवी का नहीं था ? लोकसभा चुनाव में खुद को साफ़ बताने वाले नितीश कुमार को क्या हो गया ?
 
नितीश इन बाहुबलीओं की बदौलत सता तो पा लेंगे पर बिहार के लिए ये अच्छा नहीं है !
भाजपा की तो और बुरी स्थिति है ! पूरा पार्टी नितीश के पौकेट में है ! 'प्रधानमन्त्री' बनने की चाहत में इसका केंद्रीय नेत्रित्व 'नितीश' के इशारे पर नंगा होने को तैयार है ! सी पी ठाकुर ने अपनी ऐसी तैशी करवा ली ! इस्तीफा दे दिया तो दे दिया - वापस लेने से ये और कमज़ोर ही हुए ! पुत्र को 'परसों' एम एल सी बनाया जाएगा - राजनीती में परसों कभी नहीं आता ! अगर आया तो 'विवेक ठाकुर' नसीब वाले होंगे !




कौंग्रेस - करीब ८० यादव और मुस्लिम को कौंग्रेस टिकट दी है - मतलब साफ़ है - लालू की वोट में सेंध मारना !



प्लीज़ , जाती के नाम पर 'बाहुबलीओं' को समर्थन देना बंद कीजिए और नवबिहार का निर्माण कीजिए ! हाथ में दम है !
 
 रंजन ऋतुराज सिंह -  !

2 comments:

Kumar Saurabh Jha said...

Aapne kaha haath mein dam hai...
Praja jaanti hai kisme kitna dam hai.

Agar Nitish ne bahubaliyon ko khada kiya hai to Aaj tak Congress-RJD kya karti aayi hai...

Mera raajniti se utna achchha parichay nahi hai...magar in bahubaliyon ke saamne jo khada hota hoga wo bhi kam bahubali nahi hai...

kisi bhi party ke ummidwaron ki chhavi achchhi nahi hai... aise mein janta ko unki marji par chhod dena hi sahi hai...

neta said...

Ranjan ji,
45 saal hanth ka dam dekha nakara sabit hooa..Bihar me haath lakwa se grasit hai.
Aise me sabhi dalon ke sthiti ek saman hai.
Kya gopalganj se sadhu yadav dudh ke dhulen hai.....
JD(U) aur RJD hi nahi savi dal isse pidit hai.
Lekin nitish ji auron se behtar hai koi shak......