Friday, October 22, 2010

बिहार तमाशा - भाग पांच

कल प्रथम चरण का चुनाव समाप्त हो गया और दूसरे चरण का आज प्रचार भी समाप्त हो गया ! बहुत मुश्किल है कुछ भी कह पाना ! पर् आश्चर्यजनक रूप से 'छोटे भाई' ने 'बड़े भाई' पर् हमला बंद कर - कॉंग्रेस पर् तेज कर दिया ! सिग्नल साफ़ है - लालू की वोट बैंक में 'कॉंग्रेस' ने सेंध लगा दिया है - अब हानि कितना हुआ - मतगणना में पता चलेगा !

" विकास बनाम जाति " का बहस थोडा प्रायोजित लगता है ! वैसे धंधा चलाने के लिए ..प्रायोजित कार्यक्रम होना जरुरी है ...बहुत खर्चा है :) स्टार न्यूज तो हद कर दिया - नितीश को १४३ सीट में १२० ;-) आर सी पी को हम सभी के तरफ से बधाई !

नितीश के 'विकास' के तीन चेहरे थे - 'लौ & ऑर्डर' - 'शिक्षा' - 'सड़क' ! ये तीनो के पीछे 'ब्यूरोक्रेट' थे ! काम ठीक हुआ है - लेकिन इतना भी नहीं की - नितीश को हम सभी डिक्टेटर बना दें - वो एक बहुत ही सामन्य आदमी हैं - पगला जायेंगे - फिर बिहार कौन संभालेगा ? कॉंग्रेस का अगला मुख्यमंत्री 'ललन यादव' को अभी वक्त लगेगा !








रंजन ऋतुराज सिंह - इंदिरापुरम !

2 comments:

nanhe said...

Nitish may not have done anything. but he gave bihar a platform to realise the potential. what has congress done. they seem unable to digest the change in sliding Bihar. in fact, whole country is watching and secretly willing the experiment in bihar to fail like the car manufacturers wanted and still want NANO car to fail

Fighter Jet said...

agar bikas ke piche 'beurocrat' the to kya fark parta hai..yahi bureuocrat lalu ke raj me bhi the...tab bikas ka kya hua ye sab jante hai.

bikas ke piche jo bhi tha..jab wo bikas ho rha tha tha us waqt Nitish ki hi sarkar thi!

To common sense to yahi kahta hai.ki agar bikas chaiye to Nitish ki hi sarkar ho...lalu ya congresion ki nahi.

Lekin bihar ki janta me kitna common sense hai ye to natizo ke bad hi pata chalega.