Sunday, August 12, 2007

स्टेटस सिम्बल पार्ट-३

५ . लव मैरिज :- रात मे बाबु जीं को फ़ोन लगा रहा था , लग ही नही रहा था , काफी परेशान हो गया ! देर रात फिर लगाया तो लग गया ! पूछा -कहां थे ? फ़ोन नही लग रह था ! बाबु जीं बोले - शर्मा जीं के बेटी के बियाह मे गया था , सिग्नल नही धर रह होगा ! अचानक मेरे सामने शर्मा अंकल का चेहरा आ गया और उनकी बेटी का भी ! हाल फिलहाल तक तो वोह +२ मे थी , और अब शादी भी हो गयी , मेरे चहरे पर एक आशीर्वाद से भरपूर मुस्कान आ गयी ! स्वभावानुसार , मैंने बाबु जीं पूछा - लडके वाले कहां के हैं ? बाबु जीं बोले - वोह लोग मराठी हैं ! मैं चौंका और पुछा " मराठी हैं ? मतलब ? " , बाबु जीं बोले - वहीँ मुम्बई मे नौकरी लगी थी , लड़का भी साथ मे ही काम करता था ! हम बोले - " ओह , हो , तो यह बात है " !
यह बात कोई नई नही है ! पहले भी होता आया है ! लेकिन आज कल फैशन मे है ! मैं ही क्यों , आप भी जरा अपने आस पास देख लीजिये - हर साल आपको यह संख्या बढाती नज़र आवेगी ! कसूर किसी का नही है ! बदलाव यह आया है कि - परिवार और समाज दोनो ने इसको स्वीकारा है !
अच्छा , एक बात ! मान लीजिये कि आप भी "मुखिया जीं " कि तरह "अर्रंज मैरिज " किये हैं ! और आपका एक दोस्त " लव मैरिज " ! आपका दोस्त आपके घर आता है अपनी बीबी के साथ ! उन दोनो को देख आपके मन मे क्या विचार आते हैं ?
मैं तो हीन भावना से ग्रसित हो जाता हूँ ! खुद को एक कमजोर देहाती पाता हूँ ! जिसको " I love You " बोलने कि हिम्मत नही , उससे आप लव मैरिज कि आशा कैसे करते हैं !
क्रमशः

रंजन ऋतुराज सिंह , नौएडा

2 comments:

Ashish said...

Great One Mukhiya Jee.. The best part of your writing is that I can easily relate to every word you say in your blog, Perhaps the reason is we all are born and brought up in same enviorment. Also whatever you write is the happenings of everday life, Keep posting your thoughts. I am not sure about others , but Me and my wife enjoy evry word of ur Blog!

-Ashish Mishra

Anonymous said...

marathi me sabhi caste ho sakte hain. Marathi term wese hi hai jese bihari.